शुक्रवार, 30 दिसंबर 2016

कविताएं-आरसी चौहान



आरसी चौहान (Aarsi chauhan) जन्म - 08 मार्च 1979 ,चरौवां,बलिया,0प्र0
शिक्षा- परास्नातक-भूगोल एवं हिन्दी साहित्य,पी0 जी0 डिप्लोमा-पत्रकारिता, बी0एड0, नेट-भूगोल
सृजन विधा-गीत,  कविताएं, लेख एवं समीक्षा आदि
प्रसारण-आकाशवाणी इलाहाबाद, गोरखपुर एवं नजीबाबाद से
प्रकाशन- नया ज्ञानोदय, वागर्थ, कादम्बिनी, अभिनव कदम,इतिहास बोध, कृतिओर ,जनपथ, कौशिकी , हिमतरू, गुफ्तगू ,  तख्तोताज, अन्वेषी , गाथान्तर , र्वनाम  ,  हिन्दुस्तान , आज , दैनिक जागरण ,अमृत प्रभात, यूनाईटेड भारत, गांडीव, डेली न्यूज एक्टिविस्ट, प्रभात खबर एवं विभिन्न पत्र-पत्रिकाएं तथा बेब पत्रिकाओं में
संकेत 15 के कविता केन्द्रित अंक में कविताएं प्रकाशित
अन्य- 1-उत्तराखण्ड के विद्यालयी पाठ्य पुस्तकों की कक्षा-सातवीं एवं आठवीं के सामाजिक विज्ञान में लेखन कार्य 
2- ड्राप आउट बच्चों के लिए , राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान की पाठ्य पुस्तकों की कक्षा- छठी , सातवीं एवं आठवीं के सामाजिक विज्ञान का लेखन व संपादन
3- भारतीय भाषा परिषद  के हिंदी साहित्य कोश में लेखन,
पहला खंड : उत्तराखण्ड: लोक परम्पराएं सुधारवादी आंदोलन                                                           दूसरा खंड : सिद्धांत,अवधारणाएं और प्रवृत्तियां - प्रकृति और पर्यावरण 
 4- “पुरवाई  पत्रिका का संपादन         
Blog - www.puravai.blogspot.com

कविताएं-
1-नदियां

नदियां पवित्र धागा हैं
पृथ्वी पर
जो बंधी हैं
सभ्यताओं की कलाई पर
रक्षासूत्र की तरह
इनका सूख जाना
किसी सभ्यता का मर जाना है।


2-अकुलाया हाथ है पृथ्वी का

उसके कंधे पर
अकुलाया हाथ है पृथ्वी का

एक अनाम सी नदी
बहती है सपने में
आंखों में लहलहाती है
खुशियों की फसल
मन हिरन की तरह भरता है कुलांचें

बाजार बाघ की तरह
बैठा है फिराक में
बहेलिया
फैला रखा है विज्ञापनों का जाल

और एक भूखे कुनबे का झुण्ड
टूट पड़ा है
उनके चमकीले शब्दों के दानों पर

पृथ्वी सहला रही है
अपने से भी भारी
उसके धैर्य को
धैर्य का नाम है किसान।

संपर्क   - आरसी चौहान (प्रवक्ता-भूगोल)
राजकीय इण्टर कालेज गौमुख, टिहरी गढ़वाल उत्तराखण्ड 249121
मोबा0-08858229760 ईमेल- puravaipatrika@gmail.com